Wednesday, November 23, 2011

स्तनपान : आइये बातें करें


स्तनपान : आइये बातें करें 
लेख:  डॉ० कृष्ण एन० शर्मा    
संपर्क: +91-9320699167    

     मनुष्य के जीवन का सर्वप्रथम आहार प्रकृति के अनमोल वरदान 'स्तनपान' से ही मिलता है. समाज में स्तनपान का महत्व दर्शाने तथा जागरूकता फैलाने के लिए पूरे विश्व में १ अगस्त से ७ अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है.    

      वर्ल्ड हेल्थ ओर्गनाइजेशन (डब्ल्यू. एच. ओ.) ने इस बार के विश्व स्तनपान सप्ताह में एक नया अभियान चलाया है, जिसका नाम दिया है- "मुझसे बात करो! स्तनपान- एक त्रिआयामी अनुभव.". दरअसल डब्ल्यू. एच. ओ. ने स्तनपान के दो आयामों 'समय' तथा 'स्थान' के साथ एक तीसरा आयाम 'संचार' अथवा कम्युनिकेशन को जोड़ कर इसे त्रिआयामी बनाया. यह लेख भी मेरी तरफ से उस तीसरे आयाम की दिशा में एक कदम है.    

     तो आइये हम भी कुछ बातें करें स्तनपान के बारे में और जानें कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:-    
   
     बच्चों को कम से कम छः महीने से दो वर्ष की आयु तक स्तनपान की अत्यंत आवाश्यकता होती है. माँ का पहला पीला, गाढ़ा दूध, जिसे तरल सोना तथा कोलोस्ट्रम भी कहते हैं, पोषक तत्वों से भरपूर होता है. तीन से पांच दिनों बाद यह कोलोस्ट्रम पतला होकर परिपक्व दूध में बदल जाता है. माँ के इस दूध में बच्चे की वृद्धि के लिए आवश्यक सभी पदार्थ जैसे- प्रोटीन, व, शर्करा तथा जल इत्यादि बिलकुल सही मात्र में होते हैं. इसमें उपस्थित प्रतिरोधक तत्व, कोशिकाएं, तथा होरमोंस इत्यादि बच्चे को विभिन्न बिमारियों से बचाते हैं. अतः बच्चे को जन्म के तुरंत बाद से माँ का दूध पिलाना शुरू कर देना चाहिए.    

     इस दूध में इतना कुछ होने के बाद भी यह बड़ी आसानी से पच जाता है. जबकि अन्य दूध कठिनाई से तो पचते ही हैं, साथ ही साथ डायरिया, कान व श्वसन तंत्र का संक्रमण , अस्थमा, नेक्रोटाइजिंग एन्टेरोकोलाइटिस, मोटापा, ल्यूकेमिया तथा टाइप १ एवं २ डायबिटीज इत्यादि होने का खतरा भी बढा देता हैं. माँ का दूध इतना फायदेमंद होने के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में बच्चे की जान भी बचा सकता है. जैसे- यदि बच्चे के शरीर का तापमान निचे गिर रहा हो तब माँ का स्तनपान से निकला हुआ मान का दूध जो की सही तापमान पर होता है, हाइपोथर्मिया में जाने से रोक कर बच्चे की जान बचा सकता है.        
   
     स्तनपान बच्चे के साथ-साथ माँ क लिए भी अत्यंत आवश्यक व फायदेमंद होता है. यह माँ को ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, टाइप २ डायबिटीज,  पोस्टपार्टम डिप्रेशन इत्यादि होने का खतरा कम कर देता है.       इसके अतिरिक्त स्तनपान हमारे देश, समाज व प्रकृति के हित में भी है. स्तनपान कराने से बच्चों में बीमारी का खतरा घटेगा तथा इससे हमारे देश में बच्चो की बोमरियो पर होने वाले खर्चे तथा उन बीमारियों के कारन माता-पिता द्वारा ली गयी छुट्टियों के दिन कम होने से करोडो रुपये प्रति वर्ष बचेंगे.    

     तो चलिए आप भी स्तनपान के नए आयाम 'संचार' का हिस्सा बनिए, जागरूकता फैलाइए, और कहिये- "आइये! बातें करे."

Author: Dr. Krishna N. Sharma (PT) Email: dr.krisharma@gmail.com Cont: +91-9320699167
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