Thursday, September 13, 2012

खबर तो लो : Poem by Dr. Krishna N. Sharma

खबर तो लो
कवि- डॉ0 कृष्ण एन0 शर्मा
क्या दूर जरा हो जाने से, ये वक़्त भी कम हो जाता है?
जो साथ हमारे होता था, अब और कहीं खो जाता है।।
हमें पता है महफ़िल बनती है, जब लोग नए मिलते हैं कई।
पर अपनी भी इक महफ़िल थी, भई खबर तो लो, पूछो तो सही।।

हम याद करें ये फितरत है, वो करें तो समझो फुर्सत है।
हम फोन करें ये आदत है, वो करें तो समझो किस्मत है।।
गर हमें ही याद दिलाना हो, तो मिल जाएँगे और कई।
ये बात है थोड़े कहने की, कि  खबर तो लो, पूछो तो सही।।
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