Wednesday, August 28, 2013

सितारे चाँद को चहिये ही क्यूं

चांदनी गर है ही उसके संग-संग चहार सू,
हर घड़ी इतने सितारे चाँद को चहिये ही क्यूं।
मेरे दिल में रहने वाला चाँद कुछ मायूस है,
सोचता हूँ कुछ सितारे नोच कर लेता चलूँ।।
*चहार सू = चारों तरफ

By- Dr. Krishna N. Sharma